शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2024

मेरी झोपड़ी के भाग

 

   मेरी झोपड़ी के भाग

 

मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे,

राम आएँगे, राम आएँगे आएँगे, राम आएँगे, …….मेरी झोपडी के भाग

राम आएँगे तो, आंगना सजाऊँगी,

दिप जलाके, दिवाली मनाऊँगी,

मेरे जन्मो के सारे, पाप मिट जाएंगे, राम आएँगे, ……..मेरी झोपडी के भाग

राम झूलेंगे तो, पालना झुलाऊँगी,

मीठे मीठे मैं भजन सुनाऊँगी,

मेरी जिंदगी के, सारे दुःख मिट जाएँगे, राम आएँगे, …….मेरी झोपडी के भाग

मैं तो रूचि रूचि, भोग लगाऊँगी,

माखन मिश्री मैं, राम को खिलाऊंगी,

प्यारी प्यारी राधे, प्यारे श्याम संग आएँगे, श्याम आएँगे,……मेरी झोपडी के भाग

नगरी हो अयोध्या सी

 

 नगरी हो अयोध्या सी

 

नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो

और चरण हो राघव के, जहाँ मेरा ठिकाना हो

हो त्याग भारत जैसा, सीता सी नारी हो

और लवकुश के जैसी संतान हमारी हो ॥…… नगरी हो अयोध्या सी,

श्रद्धा हो श्रवण जैसी, शबरी सी भक्ति हो

और हनुमत के जैसी निष्ठा और शक्ति हो …..नगरी हो अयोध्या सी,

मेरी जीवन नैया हो, प्रभु राम खेवैया हो

और राम कृपा की सदा मेरे सर छय्या हो ॥…….नगरी हो अयोध्या सी,

सरयू का किनारा हो, निर्मल जल धारा हो

और दरश मुझे भगवन हर घडी तुम्हारा हो ॥……..नगरी हो अयोध्या सी,

कौशल्या सी माई हो, लक्ष्मण सा भाई

और स्वामी तुम्हारे जैसा, मेरा रघुराई हो ॥……नगरी हो अयोध्या सी.

मेरी झोपड़ी के भाग

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